HIN 307 - अनुवादः स्वरुप और विवेचन प्रश्न संच

 HIN 307 - अनुवादः स्वरुप और विवेचन प्रश्न संच



१.अनुवाद का अर्थ बताकर अनुवाद प्रकृति के आधार पर के प्रकार स्पष्ट किजिए।


२.हिंदी पत्रकारिता का विकास और अनुवाद स्पष्ट किजिए ।


३. दुभाषिए की विशेषताए स्पष्ट किजिए।


४. साहित्यिक अनुवाद किसे कहते है ? और साहित्यिक अनुवादक के लिए आवश्यक गुण बताईए ।


5.साहित्यीक अनुवाद का स्वरूप बताकर उसके दो चरण स्पष्ट कीजिए ।


6. निबंध (अंश) के अनुवाद के चरण स्पष्ट कीजिए


7.अनुदित पाठ की अर्थगत विशेषताएं स्पष्ट कीजिए। 


8. विषय के आधारपर अनुवाद के दो प्रकार स्पष्ट कीजिए


9.अनुवाद का भाषिक स्तर के आधारपर उसके अंग स्पष्ट कीजिए।


10.अनुवाद के दो प्रकारों को स्पष्ट कीजिए।


11. महत्वपूर्ण संचार माध्यमों में रेडिओ और टेलीव्हिजन का महत्व स्पष्ट कीजिए।


12.अनुवाद की परंपरा और विकास को स्पष्ट कीजिए।। 


13. हिन्दी पत्रकारिता का विकास स्पष्ट कीजिए।


14.कविता के अनुवाद की पाँच समस्याएँ स्पष्ट कीजिए।


15.कहानी के अनुवाद में पुनर्निरीक्षण में कौन-कौनसे मुद्दे निश्चित किये गये हैं?


16.अनुवाद के पाँच गुण स्पष्ट कीजिए।


17.अनुवाद प्रक्रिया के युजीन नावडा ने किया अनुवाद के तीन चरण स्पष्ट कीजिए। 


18.चौथे चरण के संशोधन में त्रुटियों को सुधारकर कौन-सा अंतिम अनुवाद पाठ तैयार किया जाता है?


19.आदर्श अनुवाद के लिए आवश्यक विशेषताएँ स्पष्ट कीजिए।


20.निबंध के भेदों में से वर्णनात्मक और विचारात्मक भेदों को स्पष्ट कीजिए।


21.नाटकानुवाद की कौन-कौनसी समस्याएँ है?


22. अनुवाद की परिभाषा बताकर उसकी आवश्यकता स्पष्ट कीजिए। 


23.भाषा शैली की दृष्टी से कथात्मक साहित्य के प्रकार स्पष्ट कीजिए।


24. कहानी के पांच प्रमुख अंतरों की व्याख्या करें |

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